12 दिसंबर, 2016

अंकज्योषित का चक्कर

कोई माने या ना माने, मुझे तो अंकज्योतिष पर पूरा विश्वास है। सब कुछ नाम में ही तो समाया है। अगर नाम में शक्ति नहीं होती तो हजारों वर्षों से नाम की महिमा यूं ही नहीं चली आती। नाम सुमरिन से तो बेड़ा पार हो जाता है। मुक्ति का आधार ही नाम है और नए जमाने में तो बस सब कुछ नाम का ही खेल है। जो है नाम वाला वही तो बदनाम है। नाम हो या बदनाम हो, होता तो आखिर नाम ही है ना। हमें तो सब को बस अपने-अपने नाम और काम से मतलब होना चाहिए। अंकज्योतिष ने जब आज जब दुनिया भर के लोगों के जीवन में महत्त्व हासिल कर लिया है, तब एक नाम का एक नया अर्थ और दूसरे नाम का दूसरा नया अर्थ निकला जाना स्वाभाविक है। यह सब स्वरों और व्यंजनों का खेल है। बस जरा-सा फेर-फार और आपकी किसमत का बंद ताला खटाक से खुल जाएगा।
अंकज्योतिष की अवधारणा है कि आपके नाम की जरा-सी स्पेलिंग बदलने से आपके साथ घटित होने वाला सब कुछ जो उलटा-पुलटा है उसे ठीक किया जा सकता है। अंग्रेजी नाम में किसी एक लेटर को जोड़ देने, कम कर देने या बदल देने से अंकभार घटा-बढ़ा कर सब कुछ बदला जा सकता है। आपको बस एक बार यकीन करना होगा कि आपके भी अच्छे दिन आ सकते हैं। अच्छे दिनों को लाने के लिए हम सब ने अब तक क्या-क्या नहीं किया? जब इतना कुछ किया है तो क्या थोड़ा सा यह भी नहीं कर सकते हैं? करना क्या है आपको? बस यही कि आप अंकज्योतिष पर यकीन कर लेंवे।
यह आपके जीवन में एक बहुत अच्छा निर्णय हो गया है कि आपने अंकज्योतिष पर यकीन कर लिया है। मुझे नहीं मालूम कि आपको इसकी जानकारी है भी अथवा नहीं है कि ज्योतिष दुनिया में सबसे प्राचीन और आधुनिक विज्ञान के बीच जगह बनाता है। आप जब एक अंकज्योतिष के पास सलाह लेने पहुंचेंगे और बातों पर यकीन करेंगे तो पाएंगे कि कुछ महीने बात मान लेने से परिवर्तन साफ दिखाई देगा। आपके आस-पास सभी चीजे बेहतर होने लगेगी। आपके व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी में आपको लगेगा कि आपने मोर्चा मार लिया है। लोग भले इसे महसूस करें या नहीं करें पर आपको लगने लगेगा कि खुद में जबरदस्त आंतरिक परिवर्तन होने लगा है। ठहराव ठीक नहीं इसलिए यह बदलाव जरूरी है।
मेरे साथ सब कुछ ठीक हो रहा है और ठीक चल रहा है फिर मुझे अंकज्योतिष के पास जाने की क्या जरूरत ऐसा सोचना ही गलत है। अगर सभी लोग ऐसे ही सोचने लगे तो उनका धंधा कैसे चलेगा। हमें तो आंखें मूंद कर विश्वास करने की आवश्यकता है। मेरे जैसे बहुत लोग हैं जो अंकज्योषित के पास जाते है और आंखें खोल कर विश्वास करते हैं। यह सकारात्मकता का एक रास्ता है, जिसे पा लेना जरूरी है।
बेशक पंच काका का मानना है कि ग्रह, नक्षेत्र, राशि, अंक ढेर सारे जाल गणित पर आधारित है। गौर करने की बात यह है कि हम सब के भीतर सकारात्मकता और नकारात्मकता होती है। यह बस हमारे मानने कि बात है कि हम अपनी सकारात्मकता को पहचान लें। सकारात्मकता अंदर महसूस करने की चीज है और एक बेहतर जीवन व्यतीत करने में यही मदद करती है। वे कहते हैं कि हर आदमी को एक रास्ता चाहिए। रास्ता तो खुद हमारे पास है। रास्ते की पहचान होनी चाहिए। इसी पहचान को हम फ्री में प्राप्त कर सकते हैं या फिर कोई भी हो सकता है जिस पर हम विश्वास करते हैं और कुछ खर्च कर के यही ज्ञान प्राप्त करते हैं। अब अंकज्योतिष को ही लो। यह अंकों का खेल है जो अगर कोई पढ़ा-लिखा या कम पढ़ा-लिखा थोड़े दिन इस में माथापच्ची करे तो पूरी जानकारी हासिल कर सकता है।
- नीरज दइया
 

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