14 नवंबर, 2017

गिनीज़ विश्व कीर्तिमान की कढ़ी

अरे जनाब, जब पूरा देश दौड़ में शामिल है फिर आप पीछे कैसे रह सकते हैं। आपको भी दौड़ना होगा। हम आपका भ्रम तोड़ देंगे। फिर यह नाम दर्ज करवाने की दौड़ है। गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। आपको भी लालायित होना चाहिए। वैसे मेरा मानना है- यह हो नहीं सकता। आप जरूर भीतर ही भीतर लालायित हैं, पर अपनी लालायित-लालिमा को प्रगट नहीं कर रहे। चलिए देश में खिचड़ी बनी और एक कीर्तिमान अर्जित हो गया। वैसे हमारे यहां खिचड़ी पहली बार नहीं पकी, रिकार्ड के लिए तो लोग वर्षों से खिचड़ी पकाते रहे हैं। यह अब सार्वजिक हो गया कि हम खिचड़ी बड़े स्तर पर पका सकते हैं। ऐसी अनेक सफलताएं हम अर्जित करेंगे और पूरे गिनीज विश्व कीर्तिमान की कढ़ी कर देंगे। कढ़ी से याद आया हम खिचड़ी की तुलना में कढ़ी बनाने में ज्यादा उस्ताद हैं।
कुछ लोग वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में जी-जान लगा देते हैं और हमें तो जी-जान लगाने की जरूरत नहीं है। इसका एक कारण यह भी है कि हमारा ‘जी’ तो टीवी और न्यूज वालों ने ले चुरा लिया है। अब हमारी ‘जान’ बिना ‘जी’ के है। हमारी किसी को परवाह नहीं है। यह पूरा सत्य नहीं है। क्यों कि जान है तो जहान है। फिर जान-जहान में हम योग गुरु जो ठहरे। हमने माननीय प्रधानमंत्री जी को आगे किया और राजपथ पर योग कर डबल गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। पहला तो 35 हज़ार से ज़्यादा लोगों के एक साथ योग करवाने का और दूसरा 84 देशों के नागरिकों के एक साथ एक जगह योग करवाने का। काश! हम खिचड़ी खाने के लिए भी 84 देशों के नागरिकों को आमंत्रित कर लेते तो यह भी डबल हो जाता। हम यह कसर कढ़ी बनाते वक्त पूरी करेंगे।
हमारे कढ़ी प्रोग्राम में जिनको नहीं आना उनके लिए बता दें कि हमने जब दुनिया में सबसे बड़ी जलेबी और इमरती बनाकर रिकॉर्ड बनाया था तब भी आपको बुलाना भूल गए थे। इसलिए कढ़ी के कार्यक्रम में आप जरूर पधारें। वैसे नहीं आ सकें तो चिंता भी नहीं करें। हम रुकने वाले नहीं। फिर मौका देंगे। हमारे पास खूब विचार है। हम विचारों की खान हैं। हम आपको टांग खींचने का रिकॉर्ड बनाते वक्त याद करेंगे। वैसे तो हम यहां दूर बैठे हुए भी आपकी टांग खींच सकते हैं। आपकी इज्जत उतार सकते हैं। इज्जत की बात पर याद आया कि इटली के सिल्वियो साबा ने महज 30 सेकेंड में 13 अंडरवियर पहनकर अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया। हमें इतनी उछल कूद की जरूरत नहीं। भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड यह भी है कि पढ़ने वाले और देखने-सुनने वालों में अंडरवियर जैसे विषयों में अपरोक्ष रुचि बड़े शर्म के साथ हम दर्शाते हैं। पहले हमारे यहां ऐसे विषयों पर प्रतिबंध था, अब हमने भी सारे पर्दे हटा दिए हैं।
० डॉ. नीरज दइया

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