23 जून, 2017

दाढ़ी रखूं या नहीं

पना निर्णय मैं खुद नहीं ले पाता। मैं जब छोटा था तब भी मेरा यही हाल था और अब जब मैं बड़ा हो गया हूं तब भी मेरा वही हाल है। जो भी मैं करता हूं या जो भी मेरे जीवन में होना होता है वह अपने-आप हो जाता है। मैं खुद कुछ नहीं करता, वैसे जो भी करना होता है, दोस्तों से पूछ लेता हूं। पर पूछना भी किसी समस्या का समाधान नहीं है। क्यों कि हरेक का अपना-अपना नजरिया होता है। लो अब कल की ही बात बताता हूं, मैंने फेसबुक पर मित्रों से पूछा- दाढ़ी रखूं या नहीं? इस छोटे से सवाल के अनेक जबाब आए। किसने क्या जबाब दिए, उन सब नामों को मैं हटा कर मैं आपके समक्ष कुछ मूल उत्तर ही रख देता हूं। एक जैसे उत्तरों को हटा कर यहां कुछ खास ज्ञानियों परम मित्रों के परामर्श को प्राथमिकता दी जा रही है, साथ ही यहां उल्लेखनीय है कि मजाक-मस्ती और स्माइली वगैरह हटा दिए हैं।
- रख लो बहुत सुंदर लगेगी, पर मूंछें भी रखना।
- किस ने कह दिया। ऐसे ही ठीक है।
- जिनको अपनी मर्दानगी पर शक होता है वे दाढ़ी-मूंछें रखते हैं। अब तुम ही सोच लो कि तुम्हें शक है क्या?
- इमरान खान जैसी मूंछे और हल्की दाढ़ी में क्या खूब जमोगे।
- बेवकूफ, तू कहना मान किसी एक्सपर्ट्स से बात कर।
- विटामिन ए, बी, सी और ई की रिच डाइट लें। सब ठीक हो जाएगा।
- फ्रेंच कट का कमाल देखना, सब मुरादें पूरी हो जाएगी।
- चेहरे पर रौबदार मूंछे और सजी संवरी दाढ़ी किसे अच्छी नहीं लगती? तुझे भी अच्छी लगेगी। रख ले, मैंने तो तुझे पहले एक बार बोला भी था।
- एक आम आदमी अपने जीवन के 3500 घंटे सिर्फ दाढ़ी बनाने में व्यतीत कर देता है? टाइम बचाना है तो यही मार्ग उत्तम है।
- केवल दाढ़ी रखना और मूंछे मूंडते रहना।
- सबसे लंबी दाढ़ी का रिकॉर्ड नार्वे के एक व्यक्ति का है। उसकी दाढ़ी 5 मीटर लंबी थी। रिकॉर्ड तोड़ना है क्या?
- ये भी कोई पूछने की बात है। घर की खेती है। जो मन करे कर पुतर।
- अबे यार, तुझे दाढ़ी की क्या जरूरत पड़ गई। अपने पेट को ढंग से देख, तेरे तो पेट में दाढ़ी है।
- दाढ़ी बढ़ाने की वजह से तुम दार्शनिक लग सकते हो। ऋषि-मुनि जैसा लुक मुझे अच्छा लगता है।
- विश्व दाढ़ी और मूंछ प्रतियोगिता में भाग लेने का विचार तो नहीं है तेरा?
- याद नहीं इंडियन एयरफोर्स के एक अधिकारी को सलाह दी गई कि अगर दाढ़ी नहीं रखने दी जाती है तो नौकरी छोड़ दें। क्या तुझे भी अल्लाह का फरमान आया है?
अब आपकी बारी है। आप ही बताएं कि क्या मैं दाढ़ी रखूं या नहीं? आप के मौन का मतलब ना है या ना। मैं अब सारे जबाब लेकर पंच काका के पास चला।
पंच काका ने कहा हैं कि इन सब बातों का एक ही मतलब है। किसी को कोई सवाल मत पूछो। तुम्हारे सवाल का जबाब किसी को नहीं पता है। फेसबुक की बस्ती में तो एक से बड़े एक धुरंधर सलाहकार बैठे हैं। एक चावल मांगोगे तो वे डफोल शंख पूरा ट्रक भर देंगे। बेटा, एक छोटे से सवाल के लिए इतनी माथा-पच्ची करोगे तो फिर जी लिए जिंदगी।
० नीरज दइया

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