28 सितंबर, 2016

सेल्फी लेने के नए आइडिया

लॉस एंजिलिस भाषा द्वारा तो बहुत बाद में शोध-खोज कर कहा गया है कि स्मार्ट फोन से सेल्फी लेना और इन तस्वीरों को साझा करना हमें खुशमिजाज व्यक्ति बना सकता है, हम तो बहुत पहले से ही सेल्फी लेने वाले हैं और हमारे यहां के गीतकार ने तो गाने में भी कह दिया कि चल बेटा सेल्फी ले ले। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्त्ताओं के अध्ययन का यही सार अब आया है तो सकारात्मक प्रभाव की बात आपको भी माननी पड़ेगी।
जब मैं और मेरे जैसे अनेक भाई-बंधु अपनी सेल्फी और सेल्फी क्यों बहुत सारी या कहें ढेरों सेल्फियों को आपके सामने परोसते थे तो आपका उन्हें लाइक करना तो दूर नकात्मक बातें करते थे। आपने लाख बार कहा होगा कि देखो अपना फोटो कितनी बार बदलते हैं। ऐसे नए नए फोटो लगाने से चेहरा कोई बदलने वाला नहीं है। जो चेहरा पहले में था वही दूसरे और तीसरे में ही नहीं दस हजारवें में भी वही होगा। बदलाव तो होगा पर आपको नजर नहीं आएगा। यह बदलाव धीरे-धीरे होता है।
हमारे देश के कुछ बुद्धिजीवियों की खाशियत यह कि उनको मैं कहूं या पंच काका कहें उनकी बातों पर संदेह करते हैं। अब जब यूनिवर्सिटी के पोस्टडॉक्टरेट और लेखक यू चेन ने कह दिया तो सकारात्मक विचारों की वृद्धि के लिए स्मार्टफोन से सेल्फी लेकर साझा करने को उपलब्धि मानने लगे हैं। क्या यह कमाल की बात नहीं कि कोई शोध होता तो विदेश में है और उसके परिणामों को देखते हुए लागू उसे प्रभावशाली मान कर दूसरे देश भी उसे ही परमसत्य मान लेते हैं। अब इस सेल्फी को ही लिजिए कि सेल्फी का प्रभाव जानने के लिए 41 कॉलेज छात्रों को शामिल कर चार सप्ताह तक अध्ययन किया गया और अध्ययन में हिस्सा लेने वाली 28 लड़कियां और 13 लड़कों को शामिल किया गया। अब जब इसे हमारे भारत के संदर्भ में देखें तो गौर करने वाली बात है कि हमारे यहां तो लड़कियां कम है और इस अध्ययन में लड़कियों की संख्या अधिक रखी गई है। दूसरी बात यह अध्ययन कॉलेज के विद्यार्थियों पर किया गया है जब कि हमारे देश में तो अब छोटे छोटे बच्चे स्कूल में जाने वाले भी सेल्फी के दीवाने हैं।
जब मैंने इस सेल्फी के बारे में लिखने का मूड बनाया तो पंच चाचा ने कहा यह विषय बहुत अच्छा है और लिखना है तो सेल्फी के नए आइडियों के बारे में लिखना। मैं पंच चाचा की बात मानता रहूं और आगे भी मानता रहूंगा। आपकी अपनी मर्जी है आप माने या नहीं माने। भले लोग तो यह भी कहते हैं कि कोई अच्छी बात अगर कोई किसी को कहे और हमें ठीक लगे तो हमें बिना कहे ही माननी चाहिए। आप भी अगर सेल्फी लेने के नए आइडिया के बारे में लिखना चाहते हैं तो आपका भी स्वागत है।
मेरा मानना है कि ‘सेल्फी लेने के नए आइडिया’ विषय इतना रोचक है कि इसकी रोचकता बस एक आलेख में पूरी समा ही नहीं सकती और दूसरा यह भी कि यह विषय तो हरि अनंत हरि कथा अनंता, कहत सुनत बहु बिधि सब संता की भांति है।
हे सज्जनों ! यदि आप लिखते हैं हरि कथा की भांति इस विषय पर लिखिएगा तो पाएंगे कि आपके पौ-बारह पच्चीस हो रहे हैं। मैंने तो तय कर लिया है कि इस विषय पर एक बड़ी किताब लिखूंगा और उसकी कीमत भी अच्छी खासी रखनी होगी, क्यों कि अब तो सेल्फी का राज यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्त्ताओं ने जग जाहिर कर दिया है। सब से बड़ी बात यह है कि हर तरफ नकारात्मकता के रहते हुए भी हम आज भी सकारात्मता की बात कर रहे हैं, तो हो जाए इस बात पर एक सेल्फी। सामने देखिए।

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