12 जुलाई, 2025

गुड़लिपटी बात/ डॉ. नीरज दइया

पति ने पत्नी को समझाते हुए कहा, "तुम जरा मम्मी जी से अच्छे से बात किया करो।"

पत्नी ने पूछा, "अच्छे से का क्या मतलब है, मैं तो हमेशा अच्छे से ही बात करती हूं।"

पति मुस्कुराया और बोला, "नहीं, जैसे तुम मुझसे बात करती हो..."

"तुम से कैसे बात करती हूं मैं?"

"गुड़लिपटी बात करती हो न तुम मुझसे। मेरी स्वीट हनी।"

"वो तो जैसे का तैसा है। आप जैसे बात करोगे, वैसा ही आपको जवाब मिलेगा। यह मुझे मम्मी जी को सीखना है।"

बेटा बेचारा क्या करे। हारकर उसने कहा, "देखो समझा करो, थोड़े दिनों की ही तो बात है।"

पत्नी चुप कहां रहने वाली थी। उसने पूछा, "थोड़े दिन बाद क्या होगा?"

बेटे ने कहा, "बुढ़िया मर जाएगी।"

बहू के चेहरे पर मुस्कान थी।

● डॉ. नीरज दइया

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