डर बना हुआ है
फिर भी- जीवन चल रहा है...
भारत-पाकिस्तान, चीन-ताइवान
और रूस-नाटो के बीच
कभी भी कुछ भी हो सकता है
डर बना हुआ है
फिर भी- जीवन चल रहा है...
यह डर केवल बाहर नहीं
कुछ अधिक है- भीतर...
बाहर से अधिक है- भीतर
देश-दुनिया की बात छोड़ दीजिए-
घर में भी जारी है- शीतयुद्ध
भाई-भाई में जंग जारी है...
यह जंग नहीं तो भला क्या है...
अब खून के रिश्तों में भी
घर कर चुका- जंग
जो बहुत कोमल थे
और जो बहुत मुलायम थे
वे अब हैं- एकदम कठोर
पत्थर जैसे संवेदन-शून्य
और लोहे से भी अधिक सख़्त
बंद है कपाट!
युद्ध जारी है... निरंतर।
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06 जून, 2025
युद्ध निरंतर/ नीरज दइया
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