24 जुलाई, 2023

राजस्थानी के प्रख्यात कहानीकार और संपादक आदरणीय भंवरलाल ‘भ्रमर’ जी

मैंने ‘अगनसिनान’ अनूदित कविता संग्रह समर्पित किया है- राजस्थानी के प्रख्यात कहानीकार और संपादक आदरणीय भंवरलाल ‘भ्रमर’ जी को, आज आपको घर जाकर मैंने कृति भेंट की। मेरे लेखन के आरंभ से आप मुझे प्रेरित-प्रोत्साहित करते रहे हैं। प्रतिष्ठित पत्रिका ‘मरवण’ में आपने मेरी लघुकथाएं प्रकाशित कर उत्साह बढ़ाया। आधुनिक राजस्थानी कहानी के प्रमुख कहानीकार भंवरलाल भ्रमर जी का स्नेह और आशीर्वाद बना रहेगा। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि आप मेरे पिता श्री सांवर दइया के निकटतम मित्रों में रहे हैं।




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पुस्तक : अगनसिनान (कविता-संग्रह)
कवि : डॉ. अर्जुन देव चारण
राजस्थानी से हिंदी अनुवाद : डॉ. नीरज दइया
प्रकाशक : सूर्य प्रकाशन मंदिर, ए-1, जवाहर नगर, बीकानेर (मो. 9829280717)
संस्करण : 2023 ; पृष्ठ : 80 ; मूल्य : 150/-
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